एटीट्यूड हिंदी शायरी
बेखुदी की जिंदगी हम जिया नहीं करते,
जाम छीन कर किसी का पिया नहीं करते,
प्यार करना है तो खुद आ के कर वरना,
पीछा हम किसी का किया नहीं करते।
थोड़ी खुद्दारी भी लाजिमी थी दोस्तो,
उसने हाथ छुड़ाया तो हमने छोड़ दिया।
हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है,
"उन्हें" कैसे समझाऊँ की कुछ ख्वाब अधुरे हैं,
वर्ना जीना मुझे भी आता है।
अगर आप सही हो तो,
कुछ भी साबित करने की कोशिश मत करो।
बस सही बने रहो,
गवाही वक़्त खुद दे देगा।
मैं कैसा हूँ?
मुझे नहीं मालूम।
लेकिन-
मुझे मिला हुआ हर व्यक्ति,
बहुत ही अच्छा है,
मै उनका ह्रदय से सम्मान करता हूँ।
मुझसे नफरत करनी है,
तो इरादे मजबूत रखना...
जरा से भी चूके तो महोब्बत हो जायेगी।
नफरत भी हम हैसियत देख कर करते है,
प्यार तो बहुत दूर की बात है।
कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे,
हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे,
वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए,
हम तो बादल है प्यार के किसी और पर बरस जायेंगे।
माना कि अभी नाम और पहचान छोटी है,
लेकिन एक दिन लोग,
लाईन लगाएंगे इस चेहरे से मिलने के लिए।
हमारी सादगी ही गुमनाम रखती है हमें,
जरा सा बिगड़ जाएं तो मशहूर हो जाएं।
खून में उबाल आज भी खानदानी है,
दुनिया हमारे शौक की नहीं Attitude की दीवानी है।
घर से बाहर कोलेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली,
सारी गली उनके पीछे निकली,
इनकार करते थे वो हमारी मोहबत से,
और हमारी ही तसवीर उनकी किताब से निकली।
इतनी चाहत से ना देखा कीजिए...
महफिल में आप नहीं तो लोग कहेंगे सेटिंग चल रही हैं।
मिल जाए आसानी से उसकी ख्वाहिश किसे है,
जिद तो उसकी है जो मुक़द्दर में ही नहीं है।
प्यार इश्क मोहब्बत सब धोखेबाजी है…
अपनी लाइफ में तो सिर्फ Attitude ही काफी है।
दहशत गोली से नही दिमाग से करते हैं,
जरूरी नहीं की लोग आग से जले,
कुछ लोग तो हमारे नाम से भी जल जाते हैं।
आँख उठाकर भी न देखूँ,
जिससे मेरा दिल न मिले,
जबरन सबसे हाथ मिलाना,
मेरे बस की बात नहीं।
अपनी मोहब्बत के लिए आशियाना बदल देंगे,
दिल ने चाहा तो ये फ़साना बदल देंगे,
अरे दुनिया वालों तुम्हारी हस्ती ही क्या है,
जरूरत पड़ी तो सारा ज़माना ही बदल देंगे।
अब मत खोलना,
मेरी जिन्दगी की पुरानी किताबों को,
क्यूंकि जो था...
वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो सी को पता नहीं।
हम तो इतने रोमान्टिक है की हम अगर थोड़ी देर,
मोबाइल हाथ मै लेले,
तो वो भी गरम हो जाता है।
आग लगाना मेरी फितरत में नही है,
मेरी सादगी से लोग जलें तो मेरा क्या कसूर।
जल जाते हैं मेरे अंदाज से मेरे दुशमन,
क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली,
और न ही दोस्त बदले।
हुकुमत वो ही करता है,
जिसका दिलो पर राज हो।
वरना यूँ तो,
गली के मुर्गो के सर पे भी ताज होता है।
वैसे तो हर दिल पर राज करते हैं हम,
जो रूठ जाये उसे मना लेते हैं हम,
माना की कम मिलते हैं आपसे हम,
पर जब भी मिलते हैं मुस्कुरा देते हैं हम।
लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं,
मेरी शोहरत किसी के नाम की मोहताज नहीं।
सर झुकाने की आदत नहीं है,
आँसू बहाने की आदत नहीं है,
हम खो गए तो पछताओगे बहुत,
क्युकी हमारी लौट के आने की आदत नहीं है!
मत पढा करो मेरी सायरी को इतने गौर से,
जनाब कभी कुछ याद रह गया...
तो मुझे भुल नही पाऔगे।
राज तो हमारा हर जगह पे है।
पसंद करने वालों के दिल में और
नापसंद करने वालों के दिमाग में।
सुरमे की तरह पीसा है हमें हालातों ने,
तब जा के चढ़े है लोगों की निगाहों में।
मैं वही हूँ जो कहता था,
कि इश्क में क्या रखा है।
पर आजकल...
एक पगली की मोहब्बत ने मुझे पागल बना रखा है।
घर से बाहर कोलेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली,
सारी गली उनके पीछे निकली,
इनकार करते थे वो हमारी मोहबत से,
और हमारी ही तसवीर उनकी किताब से निकली।
तू मुझसे बात नहि कर ती तो,
एसा लगता हे जेसे,
ठंड भरी रात में किसी ने मेरी रज़ाई छिन ली हो।
