बेहतरीन सच्चे प्यार भरी लव रोमांटिक हिंदी शायरी
तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा है मेरा,
मेरी मोहब्बत तुझसे सिर्फ लफ़्ज़ों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा।
नहीं जो दिल में जगह तो नजर में रहने दो,
मेरी हयात को तुम अपने असर में रहने दो,
मैं अपनी सोच को तेरी गली में छोड़ आया हूँ,
मेरे वजूद को ख़्वाबों के घर में रहने दो।
तुम हँसते हो तो मुझे हँसाने के लिए,
तुम रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए,
एक बार हमसे रूठ कर तो देखिये,
मर जायेंगे आपको मनाने के लिए।
मेरी आँखों में मोहब्बत की चमक आज भी है,
फिर भी मेरे प्यार पर उसको शक आज भी है,
नाव में बैठ कर धोये थे उसने हाथ कभी,
पानी में उसकी मेहँदी की महक आज भी है।
मैने सब कुछ पाया है,
बस तुझको पाना बाकी है,
कुछ कमी नहीं जिंदगी में,
बस तेरा आना बाकी है।
तेरी नीली आँखों का मैं काजल बन जाऊं,
तेरी आँखों में आँसू का मैं बादल बन जाऊं,
ख्वाहिश तो मेरी हर पल है इतनी,
तेरे रस्ते के काँटों का मैं चादर बन जाऊं।
रूठी जो जिदंगी तो मना लेंगे हम,
मिले जो गम वो भी सह लेंगे हम,
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो,
निकलते हुए आंसुओं में भी मुस्कुरा लेंगे हम।
अगर हो वक़्त तो मुलाकात कीजिये,
दिल कुछ कहना चाहे कुछ बात कीजिये,
यूँ तो मुश्किल है हमसे दूर रहना,
पर एक लम्हा मिले तो हमें याद कीजिये।
तेरे हर ग़म को अपनी रूह में उतार लूँ,
ज़िन्दगी अपनी तेरी चाहत में संवार लूँ,
मुलाकात हो तुझसे कुछ इस तरह मेरी,
सारी उम्र बस एक मुलाकात में गुजार लूँ।
न जिद है न कोई गुरूर है हमे,
बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,
इश्क गुनाह है तो गलती की हमने,
सजा जो भी हो मंजूर है हमे।
माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये,
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये,
दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये।
कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है,
कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है,
पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से,
तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है।
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही।
तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे,
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे,
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।
उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ,
सामने न सही पर आस-पास हूँ,
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे,
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ।
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे।
आ जाओ किसी रोज़ तुम तो तुम्हारी रूह मे उतर जाऊँ,
साथ रहूँ मैं तुम्हारे ना किसी और को नज़र आऊँ,
चाहकर भी मुझे कोई छू ना सके मुझे कोई इस तरह,
तुम कहो तो यूं तुम्हारी बाहों में बिखर जाऊँ।
खुश नसीब होते हैं बादल,
जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं,
और एक बदनसीब हम हैं,
जो एक ही दुनिया में रहकर भी मिलने को तरसते हैं।
हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए,
हम मरते गए उनकी बेरुखी से और
वो हमें आजमाते गए,
सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर...
सीख लेंगी वफाएँ करना,
पर हम रोते गए और वो हमें खुशी-खुशी रुलाते गए।
हर दर्द की दवा हो तुम,
आज तक जो मांगी मेरी एक लौटी दुआ हो तुम,
तुम्हे मिलने की तमन्ना नहीं उठती कभी,
क्यूंकि जो हर वक़्त साथ रहती है वो हवा हो तुम।
आज मुझे ये बताने की इजाज़त दे दो,
आज मुझे ये शाम सजाने की इजाज़त दे दो,
अपने इश्क़ मे मुझे क़ैद कर लो,
आज जान तुम पर लूटाने की इजाज़त दे दो।
मेरी आँखों से आसूँ भले ही ना निकले हो पर,
ये दिल आज भी तेरे लिए रोता है।
लाखों दिल भी मिल कर उतना प्यार नहीं कर सकते,
जितना ये अकेला दिल तुमसे करता है।
शौंक नहीं है मुझे,
अपने जज़्बातों को यूँ सरेआम लिखने का,
मगर क्या करूँ,
अब जरिया ही ये है तुझसे बात करने का।
सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
जाने क्या बात थी उसमें और मुझ में,
सारी महफ़िल भूल गए बस,
वही एक चेहरा याद रहा।
साथ ना रहने से रिश्ते टूटा नहीं करते,
वक़्त की धुंध से लम्हे टूटा नहीं करते,
लोग कहते हैं कि मेरा सपना टूट गया,
टूटी नींद है, सपने टूटा नहीं करते।
जब भी जख्म तेरे यादों के भरने लगते है,
किसी बहाने हम तुम्हे याद करने लगते है।
हर अजनबी चेहरा पहचाना दिखाई देता है,
जब भी हम तेरी गली से गुजरने लगते है।
जिस रात को चाँद से तेरी बातें की हमने,
सुबह की आँख मे आँसू उभरने लगते है।
जिसने भर दिया दामन को बेरंग फूलों से,
उनके एक दर्द पर हम क्यों तड़पने लगते है।
दिल के दरवाजे पर कोई दस्तक नही होती,
तेरा जिक्र होते ही दरो दीवार महकने लगते है।
मिटा दे हर ख्याल जेहन की किताब से लेकिन,
इबारत पे उनका नाम देखकर सिसकने लगते है।
जो तू साथ न छोड़े ता-उम्र मेरा ए मेहबूब,
मौत के फ़रिश्ते को भी इनकार न कर दूं तो कहना,
इतनी कशिश है मेरी मुहब्बत की तासीर में,
दूर हो के भी तुझ पे असर न कर दूं तो कहना
मेरी नजरों की तरफ देख जमानें पे न जा ,
इक नजर फेर ले,
जीने की इजाजत दे दे,
रुठ ने वाले वो पहली सी मोहब्बत दे दे ,
इश्क मासुम है,
इल्जाम लगाने पे न जा।
ये आँखें हैं जो तुम्हारी ,
किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं,
कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए।
प्यार कहो तो दो ढाई लफज़,
मानो तो बन्दगी,
सोचो तो गहरा सागर,
डूबो तो ज़िन्दगी,
करो तो आसान,
निभाओ तो मुश्किल,
बिखरे तो सारा जहाँ और सिमटे तो ”तुम“
कुछ रिश्तों को कभी भी,
नाम ना देना तुम…
इन्हें चलने दो ऐसे ही,
इल्ज़ाम ना देना तुम…
ऐसे ही रहने दो तुम,
तिश्नग़ी हर लफ़्ज़ में…
के अल्फ़ाज़ों को मेरे,
अंज़ाम ना देना तुम।
मुझसे नफरत करके भी खुश ना रह पाओगे,
मुझसे दूर जाकर भी पास ही पाओगे,
प्यार में दिमाग पर नहीं...
दिल पर ऐतबार करके देखिये,
अपने आप को रोम–रोम में बसा पाएँगे।
नशा था उनके प्यार का,
जिसमें हम खो गए,
उन्हें भी पता नहीं चला कि कब हम उनके हो गए।
लिख दूँ तो लफज़ तुम हो,
सोच लूँ तो ख्याल तुम हो,
माँग लूँ तो मन्नत तुम हो,
और चाह लूँ तो मोहब्बत भी तुम ही हो।
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,
मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है,
दुनिया को हम क्यों देखें,
उसकी याद में सारा वक़्त गुज़र जाता है।
हर शख्स को दिवाना बना देता है इश्क,
जन्नत की सैर करा देता है इश्क,
दिल के मरीज हो तो कर लो महोब्बत,
हर दिल को धड़कना सिखा देता है इश्क।
एक सुकून सा मिलता है,
तुझे सोचने से भी….
फिर कैसे कह दूँ,
मेरा इश्क़ बेवजह सा है।
बहुत दिनों बाद तेरी महफ़िल में कदम रखा है,
मगर नजरो से सलामी देने का तेरा...
अंदाज़ नही बदला।
किसी मोड़ पर तेरा दीदार हो जाये,
काश तुझे मुझ पर ऐतबार हो जाये,
तेरी पलकें झुके और इकरार हो जाये,
काश तुझे भी मुझसे प्यार हो जाये।
न जिद है न कोई गुरूर है हमे,
बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,
इश्क गुनाह है तो गलती की हमने,
सजा जो भी हो मंजूर है हमे।
माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये,
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये,
दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये।
कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है,
कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है,
पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से,
तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है।
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही।
तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे,
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे,
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।
उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ,
सामने न सही पर आस-पास हूँ,
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे,
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ।
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे।
आ जाओ किसी रोज़ तुम तो तुम्हारी रूह मे उतर जाऊँ,
साथ रहूँ मैं तुम्हारे ना किसी और को नज़र आऊँ,
चाहकर भी मुझे कोई छू ना सके मुझे कोई इस तरह,
तुम कहो तो यूं तुम्हारी बाहों में बिखर जाऊँ।
खुश नसीब होते हैं बादल,
जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं,
और एक बदनसीब हम हैं,
जो एक ही दुनिया में रहकर भी मिलने को तरसते हैं।
हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए,
हम मरते गए उनकी बेरुखी से और
वो हमें आजमाते गए,
सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर...
सीख लेंगी वफाएँ करना,
पर हम रोते गए और वो हमें खुशी-खुशी रुलाते गए।
हर दर्द की दवा हो तुम,
आज तक जो मांगी मेरी एक लौटी दुआ हो तुम,
तुम्हे मिलने की तमन्ना नहीं उठती कभी,
क्यूंकि जो हर वक़्त साथ रहती है वो हवा हो तुम।
आज मुझे ये बताने की इजाज़त दे दो,
आज मुझे ये शाम सजाने की इजाज़त दे दो,
अपने इश्क़ मे मुझे क़ैद कर लो,
आज जान तुम पर लूटाने की इजाज़त दे दो।
मेरी आँखों से आसूँ भले ही ना निकले हो पर,
ये दिल आज भी तेरे लिए रोता है।
लाखों दिल भी मिल कर उतना प्यार नहीं कर सकते,
जितना ये अकेला दिल तुमसे करता है।
शौंक नहीं है मुझे,
अपने जज़्बातों को यूँ सरेआम लिखने का,
मगर क्या करूँ,
अब जरिया ही ये है तुझसे बात करने का।
सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
जाने क्या बात थी उसमें और मुझ में,
सारी महफ़िल भूल गए बस,
वही एक चेहरा याद रहा।
साथ ना रहने से रिश्ते टूटा नहीं करते,
वक़्त की धुंध से लम्हे टूटा नहीं करते,
लोग कहते हैं कि मेरा सपना टूट गया,
टूटी नींद है, सपने टूटा नहीं करते।
जब भी जख्म तेरे यादों के भरने लगते है,
किसी बहाने हम तुम्हे याद करने लगते है।
हर अजनबी चेहरा पहचाना दिखाई देता है,
जब भी हम तेरी गली से गुजरने लगते है।
जिस रात को चाँद से तेरी बातें की हमने,
सुबह की आँख मे आँसू उभरने लगते है।
जिसने भर दिया दामन को बेरंग फूलों से,
उनके एक दर्द पर हम क्यों तड़पने लगते है।
दिल के दरवाजे पर कोई दस्तक नही होती,
तेरा जिक्र होते ही दरो दीवार महकने लगते है।
मिटा दे हर ख्याल जेहन की किताब से लेकिन,
इबारत पे उनका नाम देखकर सिसकने लगते है।
जो तू साथ न छोड़े ता-उम्र मेरा ए मेहबूब,
मौत के फ़रिश्ते को भी इनकार न कर दूं तो कहना,
इतनी कशिश है मेरी मुहब्बत की तासीर में,
दूर हो के भी तुझ पे असर न कर दूं तो कहना
मेरी नजरों की तरफ देख जमानें पे न जा ,
इक नजर फेर ले,
जीने की इजाजत दे दे,
रुठ ने वाले वो पहली सी मोहब्बत दे दे ,
इश्क मासुम है,
इल्जाम लगाने पे न जा।
ये आँखें हैं जो तुम्हारी ,
किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं,
कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए।
प्यार कहो तो दो ढाई लफज़,
मानो तो बन्दगी,
सोचो तो गहरा सागर,
डूबो तो ज़िन्दगी,
करो तो आसान,
निभाओ तो मुश्किल,
बिखरे तो सारा जहाँ और सिमटे तो ”तुम“
कुछ रिश्तों को कभी भी,
नाम ना देना तुम…
इन्हें चलने दो ऐसे ही,
इल्ज़ाम ना देना तुम…
ऐसे ही रहने दो तुम,
तिश्नग़ी हर लफ़्ज़ में…
के अल्फ़ाज़ों को मेरे,
अंज़ाम ना देना तुम।
मुझसे नफरत करके भी खुश ना रह पाओगे,
मुझसे दूर जाकर भी पास ही पाओगे,
प्यार में दिमाग पर नहीं...
दिल पर ऐतबार करके देखिये,
अपने आप को रोम–रोम में बसा पाएँगे।
नशा था उनके प्यार का,
जिसमें हम खो गए,
उन्हें भी पता नहीं चला कि कब हम उनके हो गए।
लिख दूँ तो लफज़ तुम हो,
सोच लूँ तो ख्याल तुम हो,
माँग लूँ तो मन्नत तुम हो,
और चाह लूँ तो मोहब्बत भी तुम ही हो।
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,
मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है,
दुनिया को हम क्यों देखें,
उसकी याद में सारा वक़्त गुज़र जाता है।
हर शख्स को दिवाना बना देता है इश्क,
जन्नत की सैर करा देता है इश्क,
दिल के मरीज हो तो कर लो महोब्बत,
हर दिल को धड़कना सिखा देता है इश्क।
एक सुकून सा मिलता है,
तुझे सोचने से भी….
फिर कैसे कह दूँ,
मेरा इश्क़ बेवजह सा है।
बहुत दिनों बाद तेरी महफ़िल में कदम रखा है,
मगर नजरो से सलामी देने का तेरा...
अंदाज़ नही बदला।
किसी मोड़ पर तेरा दीदार हो जाये,
काश तुझे मुझ पर ऐतबार हो जाये,
तेरी पलकें झुके और इकरार हो जाये,
काश तुझे भी मुझसे प्यार हो जाये।
