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Funny & Comedy Shayari | मजेदार और कॉमेडी शायरी

मजेदार और कॉमेडी शायरी हिंदी फनी शायरी

Funny & Comedy Shayari | मजेदार और कॉमेडी शायरी


सावन आ रहा है...
जिनका प्रेम पत्र से कुछ नही हुआ,
वो बेलपत्र पर ध्यान दे....
जय भोलेनाथ।


तेरी अदाओं का जादू इस शेर में लिखता हूँ,
तेरी अदाओं का जादू इस शेर में लिखता हूँ,
मदहोश हूँ अभी,
थोड़ी देर में लिखता हूँ।


ये जो हसीनों के लंबे लंबे बाल होते हैं,
बस लड़कों को फंसाने का जाल होते हैं,
ना जाने कितनों का खून पिया होगा इन्होने,
इसलिए तो इनके होंठ लाल होते हैं।


दिल में कोई गम नहीं बातों में कोई दम नहीं,
ये ग्रुप है नवाबो का यहाँ कोई किसीसे कम नहीं।


लगता है बारिश को भी कब्ज़ हो गयी है,
मौसम तो बनता है पर आती नहीं।


किस किस का नाम लें अपनी बरबादी में,
बहुत लोग आये थे दुआएं देने शादी में।


मरना हैं तो मरो अपने वतन के लिये,
क्यों मरतें हो एक दुल्हन के लिये,
इश्क के गलियों में खींचकर मारे जाओगे,
कोई चन्दा भी ना देगा कफन के लिये।


बीवी भी हक जताती है, माँ भी हक जताती है,
शादी के बाद आदमी कश्मीर हो जाता है ।


नज़रें मिली तो बेख्याल हो गए,
नज़रें झुकी तो सवाल हो गए,
और इतना घुमाया उसे प्यार में,
शॉपिंग कराते कराते कंगाल हो गए।


कुछ ऐसे हादसे भी होते है जिंदगी में दोस्त,
हजार का नोट रखने वाले सौ रुपये मांगते हैं।


ना तलवार की धार से ना गोलियों की बौछार से,
बंदा डरता है तो सिर्फ अपने बाप की मार से।


नोटबंदी का एक ये भी असर नजर आया,
वो बेवफा फिर से मेरे दर पे नजर आया।


आँखो से आँखे मिलाकर तो देखो,
एक बार हमारे पास आकर तो देखो,
मिलना चाहेंगे सब लोग तुमसे,
एक बार मेरे दोस्त साबुन से नहाकर तो देखो।


दोस्ती बुरी हो तो होने उसे मत दो,
अगर हो गयी तो उसे खोने मत दो,
और अगर दोस्त हो सबसे प्यारा तो,
उसे चैन की नींद सोने मत दो।


ऐसी अपनी वाईफ हो,
जींस जिसकी टाईट हो,
चेहरा जिसका व्हाईट हो,
बालों में स्टाईल हो,
होंठों पर स्माइल हो,
इंडिया कि पैदाईश हो,
सास की सेवा जिसकी ख्वाहिश हो,
ऐसी अपनी वाईफ हो,
तो क्या हसीन लाईफ हो।


वो मिला तो कहता था कि पायलट बनूँगा फ़राज़,
हालत ऐसी है की मक्खी भी उड़ाई नहीं जाती।


हम तुम्हारी याद में रो-रो के टब भर दिए,
तुम इतने बेवफा निकले कि नहाकर चल दिए।


मेरा दोस्त मुझसे यह कह कर दूर चला गया फ़राज़,
कि दोस्ती दूर की अच्छी रोटी तंदूर की अच्छी।


मोहब्बत के खर्चों की बड़ी लंबी कहानी है,
कभी फिल्म दिखानी है तो कभी शॉपिंग करानी है,
मास्टर रोज कहता है कहाँ हैं फीस के पैसे?
उसे कैसे समझाऊँ कि मुझे छोरी पटानी है।


इश्क को सर का दर्द कहने वाले सुन,
हमने तो ये दर्द अपने सर ले लिया,
हमारी निगाहों से बचकर वो कहाँ जायेंगे,
हमने उनके मोहल्ले में ही घर ले लिया।


हसीना से मिलें नजरें अट्रैक्शन हो भी सकता है,
चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,
हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना,
ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है।


तेरे इश्क का बुखार है मुझको,
और हर चीज खाने की मनाही है,
एक इश्क के हकीम ने सिर्फ,
तेरे चमन की मौसमी बताई है।


चिरागों में इतना नूर ना होता,
तो तनहा दिल मजबूर ना होता,
हम आपसे मिलने जरूर आते,
अगर आपका घर इतना दूर ना होता।


हम दिलफेक आशिक़ हर काम में कमाल कर दे,
जो वादा करे वो पूरा हर हाल में कर दे,
क्या जरुरत है लड़कियों को लिपस्टिक लगाने की,
हम चूम-चूम के ही होंठ लाल कर दें।


ये बारिश का मौसम बहुत तड़पाता है,
वो बस मुझे ही दिल से चाहता है,
लेकिन वो मिलने आए भी तो कैसे...?
उसके पास न रेनकोट है और ना छाता है।


काला न कहो मेरे महबूब को,
काला न कहो मेरे महबूब को,
खुदा तो तिल ही बना रहा था,
स्याही का प्याला लुढ़क गया।


ताज महल क्या चीज है...
हम इससे भी अच्छी इमारत बनवा देंगे,
शाहजहां ने मुमताज़ को मुर्दा दफनाया था,
हम तुझे ज़िंदा ही दफना देंगे।


आज तुम पे आँसुओं की बरसात होगी,
फिर वही कडकती काली रात होगी,
एस.एम.एस. न करके तूने जो दिल दुखाया मेरा,
जा तेरे बदन में खुजली सारी रात होगी।


कहते हैं कि प्यार की राहों पे चलना आसान नहीं,
मैंने भी कल चल के देखा मुझे ताे रास्ता ठीक ही लगा।


दोस्त रूठे तो रब रूठे,
फिर रूठे तो जग छूटे,
अगर फिर रूठे तो दिल टूटे।


ऐ दोस्त व्हिस्की को कफ़न में बांध ला,
कब्र में बैठ कर पिया करेंगे,
इन लड़कियो से मिला है धोखा ,
चुड़ैलों से सेटिंग किया करेंगे।


गहरी आँखों के समंदर में उतर जाने दे,
प्यार का मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे,
बिल कितने तेरे फ़ोन के भरे हैं मैंने,
सोचता हूँ माँग लूँ पैसे मगर जाने दे।


मुस्कुराना तो हर लड़की की अदा है,
जो इसे प्यार समझे वो सबसे बड़ा गधा है।


काश प्यार का इन्श्योरेंस करवाया जाता,
प्यार करने से पहले प्रीमियम भरवाया जाता,
प्यार में वफ़ा मिली तो ठीक वर्ना,
जो खर्चा होता उसका क्लेम दिलवाया जाता।


अंधकार के घोर तिमिर में हॅसने के बाद रुलाती है,
तन्हाई और गम है साथ ये जिंदगी भी तड़पाती है,
मेरी हालत भी मुझसे जलती और रूठ जाती है,
जब आइंस्टीन और न्यूटन संग याद तुम्हारी आती है।


जवानी के दिन चमकीले हो गए,
हुस्न के तेवर नुकीले हो गए,
हम इज़हार करने में रह गए,
उधर उनके हाथ पीले हो गए।


एक बेवफा की याद में हम कुछ ख़ास हो गए,
पहले हम लोटा थे पर अब गिलास हो गए।


जब जब घिरे बादल तेरी याद आई,
जब झूम के बरसा सावन तेरी याद आई,
जब जब मैं भीगा मुझे तेरी याद आई,
मेरे भाई तूने मेरी छतरी करूं नहीं लौटाई।


नखरे आपके तौबा-तौबा,
गजब आपका स्टाईल है, 
मैसेज तो आप कभी करते नहीं,
बस हल्ला मचा रखा है कि,
हमारे पास भी मोबाईल है।


आपकी सूरत मेरे दिल में...
ऐसे बस गयी है,
जैसे छोटे से दरवाजे में...
भैंस फंस गयी है।


इस क़दर था...
खटमलों का चारपाई में हुजूम,
वस्ल का दिल से मेरे अरमान रुख़्सत हो गया।


आँखों से आसुओं की विदाई कर दो,
दिल से ग़मों की जुदाई कर दो,
गर फिर भी दिल न लगे कही,
तो मेरे घर की पुताई कर दो।


ये मोहब्बत नहीं,
उसूल-ए-वफ़ा है ऐ दोस्त,
हम जान तो दे देंगे जान का नंबर नहीं देंगे।


आशिक पागल हो जाते हैं प्यार में,
बाकी कसर पूरी हो जाती है इंतज़ार में,
मगर ये दिलरुबा नहीं समझती,
वो तो गोल गप्पे और पपड़ी...
खाती फिरती है बाज़ार में।
वो कहती अपने भाइयों से,
मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो,
ज़रा गौर फरमाइये...
वो कहती अपने भाइयों से,
मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो...
बड़ा ज़िद्दी है ये कमीना,
पहले कुत्ते की तरह घसीटो।


इश्क का जिसको ख्वाब आ जाता है,
समझो उसका वक़्त खराब आ जाता है,
महबूब आये या न आये,
पर तारे गिनने का हिसाब आ जाता है।


हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर,
हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है।


कितना शरीफ शख्श है वीवी पे फ़िदा है,
उस पे ये कमाल है कि अपनी पे फ़िदा है।


लड़कियों से प्यार न करना क्योंकि,
दिखती हैं हीर की तरह,
लगती हैं खीर की तरह,
दिल में चुभती हैं तीर की तरह,
और छोड़ जाती हैं फकीर की तरह।


दिल दो किसी एक को और वो भी किसी नेक को,
मंदिर का प्रसाद नहीं...
जो बांट दो हर एक को।


सफ़र लम्बा है दोस्त बनाते रहिये,
दिल मिले ना मिले हाथ बढ़ाते रहिये,
ताजमहल न बनाईये महंगा पड़ेगा,
मगर हर तरफ मुमताज़ बनाते रहिये।


गर्ल फ्रेंड 2-4 होनी चाहिए...
एक तो डायन भी थी।


तुम सा कोई दूसरा जमीन पर हुआ,
तो रब से शिकायत होगी,
एक को तो झेला नहीं जाता,
दूसरा आ गया तो क्या हालत होगी।


रहता है इबादत में हमें मौत का खटका,
हम याद ख़ुदा करते हैं कर ले न ख़ुदा याद।


खयाल को आहट की आस रहती है,
निगाह को किसी सूरत की तलाश रहती है,
तेरे बिन कोई कमी नहीं है ऐ दोस्त,
बस गली वाली जमादारनी उदास रहती है।


वो आज भी हमें देख कर मुस्कुराते हैं,
वो आज भी हमें देख कर मुस्कुराते हैं,
ये तो उनके बच्चे ही कम्बख्त हैं,
जो हमें मामा-मामा बुलाते है।


पलट दूँगा सारी दुनिया मैं ऐ खुदा,
बस रजाई में से निकलने की ताकत दे दे।


दिल दो किसी एक को,
वो भी किसी नेक को,
जब तक मिल ना जाए कोई,
ट्राई करते रहो हर एक को।


मत ढूंढो मुझे इस दुनिया की तन्हाई में,
ठण्ड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रजाई में।


तारीफ के काबिल हम कहाँ,
चर्चा तो आपकी चलती है,
सब कुछ तो है आपके पास,
बस सींग और पूंछ की कमी खलती है।


एक लड़का अचानक लड़की देखकर शायर बन गया,
“लफ्ज़ तेरे, गीत मेरे, ग़ज़ल कोई सुना डालू क्या?”
लड़की बोली-
“हाथ मेरे, गाल तेरे, कान के निचे बजा डालू क्या?”


आसमान जितना नीला है,
सूरजमुखी जितना पिला है,
पानी जितना गीला है,
आपका स्क्रू उतना ही ढीला है।


चिरागों में इतना नूर ना होता,
तो तनहा दिल मजबूर ना होता,
हम आपसे मिलने जरूर आते,
अगर आपका घर इतना दूर ना होता।


ऐ खुदा...
हिचकियों में कुछ तो फर्क डाला होता...
अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है।


मैडम, बच्चे से-
तेरी कॉपी और पेन कहाँ है????
बच्चा-
मेम जबसे आपको देखा क्या कॉपी और क्या पेन,
तेरे मस्त-मस्त दो नैन, मेरे दिल का ले गये चैन,
खो गई कॉपी, गुम गया पेन...


उम्र की राह में जज्बात बदल जाते है,
वक़्त की आंधी में हालात बदल जाते है,
सोचता हूं काम कर-कर के रिकॉर्ड तोड़ दूं,
कमबख्त सैलेरी देख के ख्यालात बदल जाते हैं।


ये बारिश का मौसम बहुत तड़पाता है,
वो बस मुझे ही दिल से चाहता है,
लेकिन वो मिलने आए भी तो कैसे…?
उसके पास न रेनकोट है और ना छाता है।


इससे ज्यादा दुश्मनी की,
इन्तहा क्या होगी ग़ालिब...
टोयलेट की टंकी में कोई,
बर्फ डाल गया।


यू ना किसी के दिल से खेलो…
जब ? ग्रुप में मेसेजेस ही नही करना है,
तो स्मार्ट फ़ोन बेच कर रेडियो ले लो…

तुम्हारा साया बन कर ताउम्र साथ निभायेंगे,
हर एक कदम तुम्हारी राहों को फूलों से सजायेंगे,
अगर मौत ने जुदा कर भी दिया हमें तुमसे,
तो तुम्हारी खिड़की के सामने वाले पेड़ पर,
प्रेत बन कर उलटे लटक जायेंगे।


ताज महल क्या चीज है…
हम इससे भी अच्छी इमारत बनवा देंगे,
शाहजहां ने मुमताज़ को मुर्दा दफनाया था,
हम तुझे ज़िंदा ही दफना देंगे।


जुल्फों में फूलों को सजा के आयी,
चेहरे से दुपट्टा उठा के आयी,
किसी ने पूछा आज बड़ी खुबसूरत लग रही है,
हमने कहा शायद आज नहा के आयी।


“दुश्मनों की महफ़िल में चल रही थी मेरे कत्ल की तैयारी”
“मैं पहुंचा तो बोलें यार बहुत लम्बी उम्र हे तुम्हारी”


हम भी जान-ए-मन तेरे लिए ताजमहल बनायेंगे,
अर्ज़ किया है...
हम भी जान-ए-मन तेरे लिए ताजमहल बनायेंगे,
एक कप सुबह पिलायेंगे और एक कप शाम को पिलायेंगे।


उस की ‪गली‬ से गुजरे तो उसकी ‪रँगोली‬ भी देख आए,
‪‎गजब‬ की बनाती है...
हमें तो लगा था बस ‪‎मुँह‬ बनाना आता होगा।


आशिक पागल हो जाते हैं प्यार में,
बाकी कसर पूरी हो जाती है इंतज़ार में,
मगर ये दिलरुबा नहीं समझती,
वो तो गोल गप्पे और पपड़ी,
खाती फिरती है बाज़ार में।


हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर,
हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है।


अर्ज़ किया है...
वो कहती अपने भाइयों से,
मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो
ज़रा गौर फरमाइये...
वो कहती अपने भाइयों से,
मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो
बड़ा ज़िद्दी है ये कमीना,
पहले कुत्ते की तरह घसीटो।


लड़कियों से प्यार न करना क्योंकि,
दिखती हैं हीर की तरह,
लगती हैं खीर की तरह,
दिल में चुभती हैं तीर की तरह,
और छोड़ जाती हैं फकीर की तरह।


मोहब्बत न सही मुक़दमा ही कर दे...
तारीख दर तारीख मुलाकात तो होगी।


तेरा प्यार भी हजार की नोट जैसा है,
डर लगता है कहीं नकली तो नहीं ।


रोया है फ़ुर्सत से कोई मेरी तरह सारी रात यकीनन,
वर्ना रुख़सत-ए- मार्च में यहाँ बरसात नहीं होती।


न वफा का जिकर होगा,
न वफा कि बात होगी,
अब मोहब्बत जिससे भी होगी,
गेहूँ काटने के बाद होगी।


जेलर-
सुना है की तुम शायर हो कुछ सुनाओ यार...
कैदी-
गम ए उल्फत मे जो जिन्दगी कटी हमारी,
जिस दिन जमानत हुई जिन्दगी खतम तुम्हारी।


तुझे पाने के लिये कुछ भी कर सकता हूँ,
तेरे प्यार मे जी तो क्या मर भी सकता हूँ,
फिर भी तू नही मिली तो मुझे कोई गम नही,
ये तरीका किसी दूसरी पर भी सेट कर सकता हूँ।


इतने पड़े हैं डंडे तेरी गली में,
अरमान हो गए ठन्डे तेरी गली में,
एक हाथ में है कंघी जुल्फे संवारते हैं,
गाड़ेंगे आशिकी के झंडे तेरी गली में।
अब क्या बताएं ज़ालिम कैसे गुजारते हैं,
संडे तेरी गली में मंडे तेरी गली में,
सीने पे हाथ रख कर तुझको पुकारते हैं,
जब मारते हैं पत्थर मुंडे तेरी गली में।
तडपते हैं कितना ज़ालिम तुझको तरस न आया,
कर लेंगे ख़ुदकुशी हम वन डे तेरी गली में,
हम ढूढ़ लेंगे कोई दीदार का बहाना,
बेचा करेंगे अंडे तेरी गली में


आपकी सूरत मेरे दिल में ऐसे बस गयी है,
जैसे छोटे से दरवाजे में भैंस फंस गयी है



उसी दिन से व्हाट्सएप्प से नफरत हो गयी ग़ालिब,
जब बाल कटवाने के लिए एडमिन ने चंदा माँग लिया।