प्रेरणादायक मोटिवेशनल हिन्दी शायरी
कभी कभी बहरे हो जाओ...
क्योंकि अधिकतर लोगों की बातें मनोबल गिराने वाली होती हैं।
सम्मान हमेशा समय का होता है,
लेकिन आदमी उसे अपना समझ लेता है।
सफलता की पोशाक,
कभी तैयार नहीं मिलती,
इसे बनाने के लिए मेहनत का हुनर चाहिए।
तालियां उसका कभी पेट नही भर सकती,
चन्द सिक्के भी जरूरी है मदारी के लिए।
अच्छे और सच्चे रिश्ते,
न तो खरीदे जा सकते हैं...
न ही उधार लिऐ जा सकते हैं।
इसलिए,
उन लोगों को जरूर महत्व दें,
जो आपको महत्व देते हैं।
आप के द्वारा किसी को सुख़ मिले ये आपका सिग्नेचर है,
परंतु यदि आपके द्वारा किसी को खुशी मिले ये आपका ऑटोग्राफ है।
हर दर्द की दवा है इस जमाने में साहब."
"बस."
किसी के पास कीमत नहीं, किसी के पास किस्मत नहीं।
अगर पाना है मंज़िल तो अपना रहनुमा खुद बनो,
वो अक्सर भटक जाते हैं,
जिन्हें सहारा मिल जाता है।
सम्मान हमारे व्यक्तित्व का सबसे अहम् अंश है,
ये एक निवेश की तरह है।
जितना हम दूसरो को देते है वो हमें,
ब्याज सहित वापस मिलता है।
थोड़ा सा बचपन साथ रखियेगा जिंदगी की शाम में,
उम्र महसूस ही न होगी, सफ़र के आखरी मुकाम में।
अगर खोने का डर,
और पाने की चाहत ना होती।
तो न भगवान होता और
ना प्रार्थना होती।
बड़े महँगे किरदार है ज़िंदगी में सबके,
जनाब...
वक्त वक्त पर सबके भाव बढ़ जाते हैं।
लगता था जिन्दगी को बदलने में वक्त लगेगा,
पर क्या पता था।
बदला हुआ वक्त, जिन्दगी बदल देगा।
हर तकलीफ से इंसान का,
दिल दुखता बहुत है।
पर हर तकलीफ से इंसान,
सीखता भी बहुत है।
बुजी शमा भी जल सकती है,
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है।
हो के मायूस यूँ ना अपने इरादे बदल,
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है।
हौंसले के तरकश में,
कोशिश का वो तीर ज़िंदा रख।
हार जा चाहे ज़िन्दगी में सब कुछ,
मगर फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रख।
नसीब जिनके ऊँचे और मस्त होते है,
इम्तिहान भी उनके जबरदस्त होते है।
सीढियाँ उन्हें मुबारक हो,
जिन्हे सिर्फ छत तक जाना है।
मेरी मंज़िल तो आसमान है,
रास्ता मुझे खुद बनाना है।
संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है।
जिस-जिस पर ये जग हँसा है,
उसीने इतिहास रचा है।
मत सोच की तेरा सपना क्यों पूरा नहीं होता,
हिम्मत वालों का इरादा कभी अधूरा नहीं होता।
जिस इंसान के करम अच्छे होते है,
उसके जीवन में कभी अँधेरा नहीं होता।
परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन,
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं।
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
जमाने में ज़िनके हुनर बोलते हैं।
नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है,
सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते है।
कश्तियाँ बदलने की जरूरत नहीं,
दिशा को बदलो तो किनारे ख़ुद ब खुद बदल जाते है।
निगाहों में मंजिल थी,
गिरे और गिरकर संभलते रहे।
हवाओं ने बहुत कोशिश की,
मगर चिराग आँधियों में जलते रहे।
खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले,
खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है।
