🐪 राजस्थान चालीसा 🐪
उत्तर देख्यो दिख्खणं देख्यो
देश दिशावर सारा देख्यां, पणं !
हीरा तो चमके है बाळू रेत में।
मोतीड़ा भळके है म्हारा देश में।
रणबंका सिरदार अठै है।
मोटा साहूकार अठै है।
तीखोड़ी तलवार अठै है।
भालां री भणकार अठै है।
साफा छुरंगादार अठै है।
नितरा तीज तिंवार अठै है।
बाजर मोठ जंवार अठै है।
मीठोड़ी मनवार अठै है।
अन धन रा भंडार अठै है।
दानी अर दातार अठै है।
कामणगारी नार अठै है।
मुंछ्यांला मोट्यार अठै है।
पो पाटी परभात अठै है।
तारां छाई रात अठै है।
अर, तेजो तो गावे है करसा खेत में।
हीरा तो चमके है बाळू रेत मे !
झीणो जैसलमेर अठै है।
बांको बीकानेर अठै है।
जोधाणों जालोर अठे है ।
अलवर अर आमेर अठै है।
सिवाणों सांचोर अठै है।
जैपुर सांगानेर अठै है।
रुड़ो रणथंबोर अठै है।
भरतपुर नागौर अठै है।
उदयापुर मेवाड़ अठै है।
मोटो गढ चित्तोड़ अठै है।
झुंझनूं सीकर शहर अठै है।
कोटा पाटणं फेर अठै है।
आबू अर अजमेर अठै है।
छोटा मोटा फेर अठै है।
अर, डूगरपुर सुहाणों वागड देस में।
हीरा तो चमके है बाळू रेत मे !"
पाणीं री पणिहार अठै है।
तीजां तणां तिंवार अठै है।
रुपलड़ी गणगौर अठै है।
सारस कुरजां मोर अठै है।
पायल री झणकार अठै है।
चुड़लां री खणकार अठै है।
अलगोजां री तान अठै है।
घूंघट में मुस्कान अठै है।
खमां घणीं रो मान अठै है।
मिनखां री पहचाण अठै है।
मिनखां में भगवान अठै है।
घर आया मेहमान अठै है।
मीठी बोली मान अठै है।
दया धरम अर दान अठै है।
अर मनडा तो रंगियोड़ा मीठा हेत में।
हीरा तो चमके है बालू रेत में।
मोतीड़ा भलके है म्हारा देश में।
गौरी पुत्र गणेश अठै है।
मीरां बाई रो देश अठै है।
मोटो पुष्कर धाम अठै है।
तिरुपति जैसो श्रीनाथ अठे है।
सालासर हनुमान अठै है।
रूणीचे रा राम अठै है।
गळता तीरथ धाम अठै है।
महावीर भगवान अठै है।
खाटू वाला श्याम अठै है।
चारभुजा श्रीनाथ अठै है।
मेंहदीपुर हनुमान अठै है।
दधिमती री गोठ अठै है।
रणचंडी तन्नोट अठै है।
करणी मां रो नांव अठै है।
डिग्गीपुरी कल्याण अठै है।
गोगाजी रा थान अठै है।
सेवा भगती ग्यान अठै है।
अर कितरो तो बखाणूं, मरुधर देश नें।
हीरा तो चमके है बालू रेत मे !
जौहर रा सैनाण अठै है।
गढ किला मैदान अठै है।
हरिया भरिया खेत अठै है।
मुखमल जेड़ी रेत अठै है।
मकराणा री खान अठै है।
मेहनतकश इंसान अठै है।
पगड़ी री पहचांण अठै है।
ऊंटां सज्या पिलाण अठै है।
चिरमी घूमर घैर अठै है।
मेळा च्यारूंमेर अठै है।
सीधी सादी चाल अठै है।
गीतां में भी गाळ अठै है।
सीमाड़े री बाड़ अठै है।
बेरयां रा शमशाण अठै है।
तिवाडी रो देश अठै है।
ऐडी धरती फेर कठै है ।
साचु केवूं झूठ कठै है ।
समझौ तो बैंकूठ अठै है।
अर आवो नीं पधारो म्हारा देश में।
हीरा तो चमके है बालू रेत में।
मोतीड़ा झलके है म्हारा देश में।
जय जय राजस्थान
🙏धन्यवाद 🙏